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होनिंग और लैपिंग में अंतर | difference between honng and lapping in Hindi

 होनिंग और लैपिंग में अंतर | difference between honng and lapping in Hindi


दोस्तों इस पोस्ट में हम जानेंगे होनिंग और लैपिंग में अंतर | difference between honng and lapping in Hindi और होनिंग और लैपिंग से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में

लैपिंग और होनिंग दोनों ही एक मशीनिंग प्रक्रिया है जिसका उपयोग किसी भी प्रकार की धातु की सतह की फिनिशिंग में सुधार करने के लिए किया जाता है लेकिन लैपिंग और होनिंग में कुछ सामान्य अंतर है जिसके बारे में हम पूरी तरह से विस्तार से इस पोस्ट में जानेंगे।

आज के दौर में दोनों मशीनिंग प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित है जो सीएनसी मशीनों पर आसानी से की जा सकती है |

होनिंग और लैपिंग में निम्नलिखित अंतर है |

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होनिंग और लैपिंग में अंतर | difference between honng and lapping in Hindi


लैपिंग ( Lapping ) होनिंग ( Honing )
लैपिंग ( Lapping )इसमें मुलायम धातु के लैप का प्रयोग लैपिंग कम्पाउन्ड के साथ किया जाता है । होनिंग ( Honing )इसमें होनिंग स्टोन का प्रयोग किया जाता है ।
लैपिंग ( Lapping )यह क्रिया हाथ तथा मशीन दोनों के द्वारा की जा सकती है । होनिंग ( Honing )यह क्रिया केवल मशीन के द्वारा की जाती है ।
लैपिंग ( Lapping )इस क्रिया में शीतलक ( Coolant ) की आवश्यकता नहीं होती है । होनिंग ( Honing )इस क्रिया में शीतलक ( Coolant ) की आवश्यकता होती है ।
लैपिंग ( Lapping )इसमें कार्य करने की गति ( Speed ) कम होती है । होनिंग ( Honing )इसमें कार्य करने की गति ( Speed ) अधिक होती है ।
लैपिंग ( Lapping )यह क्रिया सपाट ( Flat ) और बेलनाकार ( Cylindrical ) दोनों प्रकार की सतहों पर क जाती है । होनिंग ( Honing )यह क्रिया केवल बेलनाकार सतहों ( Cylindrical surface ) पर की जा सकती है ।
लैपिंग ( Lapping )यह ग्लास की तरह फाइन फ़िनिश सतह प्रदान करती है और यह होनिंग से बेहतर है होनिंग ( Honing )यह लैपिंग से कुछ कम सर्फेस फिनिश प्रदान करती है |
लैपिंग ( Lapping )इस प्रक्रिया में IT 01 टॉलरेंस ग्रेड प्राप्त किया जा सकता है। होनिंग ( Honing )इस प्रक्रिया में IT 01 टॉलरेंस ग्रेड प्राप्त किया जा सकता है।
लैपिंग ( Lapping )स्लाइडिंग सतह के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि इसमें अधिक चिपकने वाला होता है। होनिंग ( Honing )स्लाइडिंग सतहों के लिए उपयुक्त है।

लैपिंग और होनिंग के लिए पूछे जाने वाले प्रश्न

लैपिंग के लिए किस अपघर्षक का उपयोग किया जाता है?

वर्कपीस और लैपिंग टूल के बीच बहुत छोटे अपघर्षक कणों के लैपिंग स्लरी या तरल निलंबन का उपयोग किया जाता है।

लैपिंग होनिंग और ग्राइंडिंग में क्या अंतर है?

लैपिंग एक मशीनिंग प्रक्रिया है जिसका उपयोग लैपिंग कंपाउंड का उपयोग करके खुरदरापन और अन्य प्रकार की अनियमितताओं को कम करके सतह की फिनिश में सुधार करने के लिए किया जाता है और होनिंग एक अपघर्षक मशीनिंग प्रक्रिया है जिसका उपयोग एक अपघर्षक होनिंग स्टोन को रगड़ कर धातु वर्कपीस की बेलनाकार सतह को खत्म करने के लिए किया जाता है। घिसाई धातु को काटने का अर्थ है कि घिसने वाले पहिये का उपयोग अवांछित सामग्री को हटाने और परिष्कृत सतह प्रदान करने के लिए किया जाता है।

लैपिंग किसके लिए प्रयोग किया जाता है?

लैपिंग का उपयोग बाहरी के साथ-साथ आंतरिक बेलनाकार सतहों और सपाट सतहों की चिकनी फिनिशिंग के लिए किया जाता है।

होनिंग लैपिंग तथा सुपरफिनिशिंग में क्या अंतर है?

आंतरिक बेलनाकार जॉब की फिनिशिंग के लिए होनिंग का उपयोग किया जाता है और सपाट और बेलनाकार सतहों को खत्म करने के लिए लैपिंग का उपयोग किया जाता है जबकि माइक्रोफिनिशिंग के लिए सुपरफिनिशिंग का उपयोग किया जाता है।

इस पोस्ट में हमने जाना होनिंग और लैपिंग में अंतर | difference between honng and lapping in Hindi और होनिंग और लैपिंग से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में उम्मीद है यह आपके लिए उपयोगी साबित रहा होगा अगर आपको यह पसंद आया तो कृपया अपने दोस्तों के साथ शेयर करें धन्यवाद

होनिंग प्रक्रिया क्या है और इसके क्या लाभ है

 

दोस्तों इस पोस्ट में हम जानेंगे कि होनिंग प्रक्रिया क्या है और इसके क्या लाभ है | होनस क्या होते हैं होनिंग मशीनों का वर्गीकरण तथा होनिंग औजार के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे|

होनिंग(honing)

यह एक घिसाई करने वाला प्रक्रम(process) होता है|
इस प्रोसेस के द्वारा पहले से मशीनिंग किए गए उत्पादों को फिनिश करने और उनका साइज़ ठीक करने के लिए प्रयोग किया जाता है|
होनिंग के द्वारा सभी फर्निशिंग सक्रियाओं में सबसे अधिक पदार्थ हटाया जा सकता है|
होनिंग विधि के द्वारा अलग की जाने वाली धातु की मात्रा 0.1 मिली मीटर से 0.25 मिली मीटर तक होती है|
लेकिन अगर पूछा जाए कि होनिंग विधि के द्वारा अधिकतम कितनी धातु को हटाया जा सकता है या अलग किया जा सकता है | तो सही उत्तर होगा 0.75 मिलीमीटर तक|

होनिंग का प्रयोग(use of honing)

इसको अधिकतर प्रयोग आंतरिक बेलनाकार सतहों जैसै ड्रिलिंग अथवा बोरिंग के द्वारा बनाए गए छेदों को फिनिश करने के लिए किया जाता है |

होनिंग औजार(honing tools)

यह तीन 4 या 6 भुजाओं वाला औजार(tool) होता है|
इसकी प्रत्येक भुजा पर होनिंग स्टिक लगी होती है| इस पर लगे समायोजन पेच(adjustable screw) की सहायता से ही होनस के साइज को घटाया या बढ़ाया जा सकता है|
यह लगभग समायोज्य रीमर की तरह कार्य करता है|

honing-tools
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होनस(hones)

होनिंग के लिए प्रयोग किए जाने वाले औजार को होन(hone) कहते हैं|
यह एक प्रकार की धातु को पॉलिश करने वाली छड़ होती है, जोकि अल्युमिनियम ऑक्साइड, सिलीकान कार्बाईड, या डायमंड डस्ट के सूक्ष्म कणों को बोण्ड द्वारा जोड़कर बनाई जाती है|
इसे होनिंग स्टिक या होनिंग स्टोन भी कहां जाता है |
इसके द्वारा ढलवा लोहे, इस्पात, पीतल, कांसा, एलुमिनियम, चांदी, तथा कांच या प्लास्टिक आदि पर पॉलिश की जाती है|
होनस का वर्गीकरण (classification of hones)
होनस को तीन वर्गों में विभाजित किया जाता है|

1. कोरस या रफ होनस

इस प्रकार के होनस का प्रयोग जॉब पर बोरीग के बाद रफ होनिंग के लिए किया जाता है|

2. मीडियम या फिनिश होनस

इस प्रकार के होनस का प्रयोग होनिंग या semi-finished सतहों को फिनिश करने के लिए किया जाता है|

3. फाइन या पाॅलिश होनस

इस प्रकार की होनस का प्रयोग फिनिश होने के बाद जॉब की आंतरिक सतहों को फिनिशिंग पाॅलिश अर्थात जॉब को शीशे की तरह चमकाने के लिए किया जाता है|

होनिंग मशीन(honing machine)

होनिंग प्रकरण को सामान्य कार्य करने वाली मशीनों जैसें लेथ मशीन और ड्रिलिंग मशीन पर भी किया जा सकता है
कार्य के अनुसार स्थिर प्रकार की मशीनें उपयुक्त सिद्ध नहीं होती हैं, ऐसी स्थिति में उस कार्य को करने के लिए सुगराही ड्रिलिंग मशीन(portable drilling machine) एड्रिल के स्थान पर होन को लगाकर प्रयोग किया जा सकता है|
बहु उत्पादन के लिए नियमित होने की मशीनों का प्रयोग किया जा सकता है इन मशीनों से इस संतोषजनक और सस्ते परिणाम प्राप्त होते हैं|

होनिंग प्रक्रम (honing process)

होनिंग क्रिया एक आंर्द(wet) प्रक्रम(process) होता है|
इस प्रकरण में यह अनिवार्य है कि संक्रिया के समय पर्याप्त मात्रा में उपयुक्त शीतलक का प्रयोग किया जाना चाहिए|
छोटे उत्पादों में यह क्रिया हाथ से की जा सकती है इसके लिए एक होन लगातार घुमाया जाता है और कार्य खंड या जॉब को घूमते हुए औजार पर हाथ के द्वारा आगे पीछे चलाया जाता है|
honing-process
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होनिंग प्रक्रम मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं
1. ड्राई होनिंग(dry honing)
2. वैट होनिंग(wet honing)

ड्राई होनिंग(dry honing)

इस प्रकार की हानिंग क्रिया अधिक धातु और रफ कर्तन करने के लिए की जाती है|
इस क्रिया में किसी भी प्रकार का शीतलक(coolant) प्रयोग नहीं किया जाता है|
इसमें 80 से 120 अपघर्षक ग्रीट वाले होनस का प्रयोग किया जाता है|

वैट होनिंग(wet honing)

इस प्रकार की होनिंग अच्छी फिनिश और चमक के लिए की जाती है|
इस प्रक्रिया में धातु कम कटती है|
इस प्रकार की होनिंग में शीतलक का प्रयोग किया जाता है|
इस क्रिया में 120 से 300 अपघर्षक ग्रीट वाले होनस का प्रयोग किया जाता है|

होनिंग के लाभ (advantage of honing)

1. इससे शतहो में घर्षण लगभग सुनने के बराबर रह जाती है|
2. इससे घूमने वाले पुर्जे बड़ी सरलता से घूमते हैं|
3. होनिंग के माध्यम से पूर्जों को टॉलरेंस की अंतिम सीमा तक परिशुद्ध बना सकते हैं|
4. होनिंग के माध्यम से सतहो में अच्छी फिर्निशिंग पोलिश और स्मूदनेस लाकर उसकी विशेषता बढ़ा सकते हैं|
5. इससे भारी तथा टेढ़े मेढ़े जॉब या सिलेंडर आदि जिनको मशीन पर बांधकर आंतरिक ग्राइंडिंग नहीं की जा सकती उनकी आसानी से होर्निंग क्रिया की जा सकती है|

दोस्तों इस पोस्ट में हमने जाना होनिंग प्रक्रिया क्या है और इसके क्या लाभ है | होनस क्या होते हैं होनिंग मशीनों का वर्गीकरण तथा होनिंग औजार के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी साझा की है अगर आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया तो कृपया ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और हम एक फॉलो करें
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