Information लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Information लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी, और एसैम्बलिंग क्या है, और इनके क्या लाभ है

 इस पोस्ट में हम विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी, और एसैम्बलिंग क्या है, और इनके क्या लाभ है के बारे में विस्तार से जानेंगे|

विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी का परिचय(introduction of interchangeability)

जब कभी हमें एक ही तरह के पार्ट्स अधिक मात्रा में बनाने हो जो कि बिल्कुल एक ही साइज, एक ही आकार और परिशुद्धता में एक दूसरे के स्थान पर फिट हो जाएं तो इसे विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी(interchangeability) कहते हैं|


जब कभी मशीन के किसी खराब या घिसे हुए पुर्जे(parts) को बदलना पड़े तो उसके स्थान पर फिट किए जाने वाला पुर्जा किसी भी कंपनी से मंगवाया गया हो या नया हो तो यह खुर्जा बिना मशीनिंग संक्रिया(machining operation) के आसानी से फिट हो जाए और मशीन पहले की तरह कार्य करने लगे तो पूर्जों के फिट होने कि इस गुण को भी विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी कहते हैं|
अतः अगर दूसरे शब्दों में कहें तो मशीन या उपकरण में घिसे और टूटे-फूटे पुर्जो के स्थान पर नए पूजों की अदला-बदली को इंटरचेंजेबिलिटी कहते हैं|


एसैम्बलिंग क्या है


जब कोई भी उपकरण या मशीन बनाने के लिए अलग-अलग आकार की पूर्जो(parts) की आवश्यकता होती है, जिन्हें विभिन्न विधियों से बना कर और आपस में जोड़कर उपकरण या मशीन का नाम दिया जाता है इन पार्ट्स को जोड़ने की क्रिया को एसैम्बलिंग(assembling) कहा जाता है|


विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी के लाभ


विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी के अनेक लाभ हैं जो इस प्रकार है|
1. असेंबलिंग में कम समय लगता है|
2. पार्ट का रिजेक्शन(rejection) कम होता है|
3. उत्पादन तथा उपयोग के क्षेत्र में बढ़ोतरी होती है|
4. घिसे और टूटे मशीन पुर्जो को बदलने में सुविधा होती है क्योंकि बाजार में मिलने वाले पुर्जे मूल पुर्जे के विवरण के अनुसार बने होते है|


दोस्तों इस पोस्ट में हमने जाना विनिमयशीलता या इंटरचेंजेबिलिटी, और एसैम्बलिंग क्या है, और इनके क्या लाभ हैं | अगर आपको हमारा पोस्ट पसंद आया कृपया फॉलो करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें
धन्यवाद

What is the work of ITI fitter? |आईटीआई फिटर का क्या काम है?

 आईटीआई फिटर का कार्य

आईटीआई फिटर का कार्य बहुत ही व्यापक है वह व्यक्ति जो फिटर से आईटीआई पास किया उस का कार्यभार तथा उसके कार्य का विभाजन बड़े पैमाने पर किया जाता है फिटर वही व्यक्ति होता है जो किसी भी मशीन पार्ट्स या ऐसे सीरीज को फिट करने का कार्य करता है फिटर की कार्य भी बहुत अधिक होती हैं अलग-अलग कार्य के लिए अलग-अलग फिटर की आवश्यकता होती है

जैसे-  डाई के लिए डाई फिटर 

असेंबली के लिए असेंबलिंग फिटर 

पाइप फिटिंग के लिए पाइप फिटर

मेंटेनेंस कार्य के लिए मेंटेनेंस फिटर

फिटर के कार्य|fitter work

1 फिटर का कार्य होता है किसी भी पार्ट को फिट करना तथा किसी खराब हुई या बंद पड़ी हुई मशीन के पार्ट्स को खोलना तथा उनकी सफाई करके खराब पार्ट का पता लगाकर उसकी जगह पर नए पुर्जे डालकर मशीन को चालू करें
इसी के साथ मशीन के रखरखाव तथा उसके संचालन का पूर्ण भार एक फिटर के कंधों पर होता है

औद्योगिक संस्थानों में आईटीआई फिटर पास व्यक्ति इन सभी कार्यों को बड़े ही आसानी से करता है

क्योंकि आईटीआई के दौरान फिटर को सभी हस्त औजारों तथा मशीनिंग सन क्रियाओं के बारे में भली-भांति अवगत कराया जाता है

आईटीआई फिटर को बड़े औद्योगिक इकाइयों में मशीन ऑपरेटर के रूप में भी देखा जाता है जहां वह अपनी कार्यकुशलता से सभी प्रकार की आधुनिक एवं पौराणिक मशीनों का संचालन भली-भांति करता है आईटीआई फिटर से पास कारीगर सीएनसी मशीन ओं तथा विभिन्न प्रकार की मैथ मशीनों की ऑपरेटर बड़ी आराम से कर लेता है

चित्र से आईटीआई करने वाला व्यक्ति बड़े ही जुझारू किस्म का व्यक्ति होता है जो कि बिना थके बिना रुके लगातार अपने कार्य को करता रहता है 

फिटर के अन्य कार्य

फिटर के और अन्य कार्य भी होती हैं जैसे रेती चलाना ड्रिलिंग मशीन चलाना सत्य परिष्करण के लिए सरफेस ग्राइंडर तथा वेल्डिंग जैसे कार्यक्षेत्र बड़ी निपुणता के साथ करता है

फिटर से आईटीआई पास व्यक्ति ड्राइंग को भलीभाति पड़ सकता है तथा ड्रॉइंग के अनुसार कोई भी पार्ट्स का निर्माण कर सकता है

फिटर अपने कार्य का 75% कार्य हाथ के द्वारा तथा शेष 25% कार्य मशीनों के द्वारा करता है

फिटर अपने कार्य को सही एक्यूरेसी एवं मापदंड प्रदान करता है जिससे जॉब रक्षा एवं सटीक बनता है

फिटर के कार्य

फाइलिंग
पंचिंग
हेक्सा
हैमरिंग
ड्रिलिंग
रिमिंग
कटिंग
ग्राइंडिंग
ड्रिफ्टिंग
सतह परिष्कृत



What is salary after ITI | आईटीआई के बाद कितनी सैलरी मिलती है

 आईटीआई के बाद कितनी सैलरी मिलती है

आईटीआई करने वाले सभी स्टूडेंट तथा आईटीआई कर रही सभी विद्यार्थियों के मन में बार-बार एक ही सवाल उत्पन्न होता है कि अगर आईटीआई पास करने के बाद हमें कोई औद्योगिक संस्थान कितना वेतन प्रदान करेगा आज हम इस बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे जानेंगे आईटीआई के महत्व के बारे में तथा आईटीआई पास करने के बाद मिनिमम और मैक्सिमम कितनी सैलरी एक आईटीआई होल्डर खुद ही जाती है इंडिया में वैसे तो सभी औद्योगिक इकाइयो में आईटीआई की महत्वता तथा उसके उज्जवल भविष्य की कामना हर विद्यार्थी करता है लेकिन क्या सभी विद्यार्थियों को यह सभी आईटीआई पास विद्यार्थियों को एक अच्छी सैलरी का पैकेज औद्योगिक संस्थानों से प्राप्त होता है साथी हम यह भी चर्चा करेंगे कि आईटीआई पास करने के बाद किन किन संस्थानों में अच्छी सैलरी में नौकरी पा सकते हैं

आईटीआई के बाद सैलरी

माना जाता है कि आईटीआई करने के बाद सभी औद्योगिक संस्थानों में आईटीआई होल्डर व्यक्ति की आवश्यकता होती है तथा एक कुशल कारीगर के रूप में वह अच्छी खासी कमाई भी करता है साथ ही साथ में एक उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाता है लेकिन जैसा कि हमने बताया हम सभी विद्यार्थियों का भविष्य आईटीआई करने के बाद उज्जवल नहीं हो पाता है वहीं कुछ विद्यार्थी आईटीआई पास करने के बाद एक अच्छे पैकेज पाने में कामयाब होते हैं

आईटीआई करने के उपरांत औसत वेतन

अगर भारत की बात करें तो आईटीआई करने के उपरांत आईटीआई स्टूडेंट्स को औसत वेतन लगभग 10 से 15000 प्रतिमा प्राप्त होता है लेकिन कुछ कारणवश या औद्योगिक संस्थानों में हो रहे ठेकेदारी प्रथा के चलन के तहत शुरुआती दिनों में एक आईटीआई पास विद्यार्थियों को 7 से ₹10000 प्रति माह प्राप्त होते हैं

अप्रेंटिस करने के बाद वेतन

जहां तक बात करें आईटीआई पास करने की तो ज्यादातर स्टूडेंट आईटीआई पास करके औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों या अन्य औद्योगिक इकाइयों में जॉब के लिए अप्लाई करते हैं तथा जॉब करने लगती है शुरुआती दिनों में उनको कम वेतन प्राप्त होता है तथा कुछ विद्यार्थी जो 3 से 4 वर्ष का अनुभव प्राप्त कर लेते हैं तथा अपने जॉब के प्रति सजग और जागरूक रहते हैं उन्हें बाद में धीरे-धीरे अच्छे पैकेज मिलने शुरू हो जाते हैं लेकिन अप्रेंटिस करने वाले विद्यार्थियों को उससे भी अच्छा वेतन प्राप्त होता है क्योंकि अप्रेंटिस करने के बाद वह व्यक्ति जो आईटीआई पास है एक अकुशल कारीगर होता है जबकि अप्रेंटिस करने के उपरांत में एक कुशल कारीगर बन जाता है इसी के साथ उसे अच्छे वेतन में जॉब मिलने की संभावना ज्यादा रहती हैं भारतीय वेज के अनुसार कुशल कारीगर का वेतन एक कुशल कारीगर के वेतन से अधिक होता है तथा कुशल कारीगर का वेतन सर्वोपरि वेतन माना जाता है इसलिए अप्रेंटिस पास विद्यार्थी को अधिक वेतन पर जो पाना आसान होता है तथा वह अपनी कुशलता के फल स्वरूप अपनी तरक्की के रास्ते भी खोज लेता है

अप्रेंटिस पास विद्यार्थी का औसत वेतन

जैसा कि हम सब जानते हैं अप्रेंटिस हमने जिस कंपनी के जिस संस्थान से की है यह अप्रेंटिस  करते वक्त हमने जो काम सीखा है उसी से संबंधित औद्योगिक इकाई में अगर काम किया जाए तो वहां पर हमें अप्रेंटिस के पेज पर एक कुशल कारीगर की तौर पर रखा जाता है तथा हमें अधिक वेतन दिया जाता है
भारत में अप्रेंटिस  विद्यार्थियों का औसत वेतन लगभग 13000 से 18000 माना जाता है
लेकिन मेरे श्याम की की गई अनुभव के आधार पर अगर देखा जाए तो बढ़ती बेरोजगारी के चलते यह वेतन लगभग 12 से 15000 तक ही सिमट कर रह गया है
फिर भी एक अप्रेंटिस पास व्यक्ति को एक कुशल कारीगर के तौर पर रखा जाता है तथा उसके तरक्की की राह आसान होती है अगर अप्रेंटिस पास व्यक्ति को अप्रेंटिस के बलबूते जॉब पाने में कामयाबी मिलती है तो वह एक अच्छी इनकम पा सकता है तथा भविष्य मैं उज्जवल भविष्य की ओर कदम रखते हुए एक अच्छी पोस्ट भी पा लेता है

उच्च वेतन के लिए कौन सा आईटीआई कोर्स सबसे अच्छा है?(Which ITI course is best for high salary?)

वैसे तो सभी आईटीआई कोर्स अच्छे ही होते हैं किंतु अधिक वेतन पाने के लिए कुछ अच्छे आईटीआई ट्रेड्स जिन की आवश्यकता प्रत्येक इंडस्ट्री में अधिक पैमाने पर होती है
इसके लिए मैं आपको सलाह दूंगा वह कोर्स जो 2 वर्ष की अवधि का हो उसी ट्रेड से आईटीआई करना अच्छा माना जाता है क्योंकि जब 2 साल तक एक आईटीआई ट्रेड के बारे में जानते है तो हमें उसका अच्छा अनुभव होता है तथा औद्योगिक संस्थानों में उसकी अधिक आवश्यकता भी होती है इसलिए 2 वर्ष की अवधि वाला आईटीआई ट्रेड ही अच्छा माना जाता है जिस ट्रेड की प्रशिक्षण अवधि अधिक होती है उसका कार्य क्षेत्र भी उतना ही अधिक होता है इसलिए हमें ज्यादा अवधि के कोर्स को करना ज्यादा उचित समझा जाता है ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि कम समय अवधि वाली आईटीआई ट्रेड की महत्वता नहीं होती है कुछ ट्रेड हैं चीन की महत्वता बहुत अधिक है तथा आईटीआई ट्रेड को करने की समय अवधि 6 महीने 1 वर्ष है
जैसे डीजल मैकेनिक 
आज का युग ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का युग है जिसमें डीजल मैकेनिक की आवश्यकता बहुत अधिक पैमाने पर होती है एक डीजल मैकेनिक ही इंजन के पार्ट्स और उसकी मरम्मत को अच्छे ढंग से समझ कर कर पाता है इसलिए ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग से संबंधित व्यवसायिक संस्थानों तथा औद्योगिक संस्थानों में एक डीजल मैकेनिक की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है

2 साल की अवधि वाले आईटीआई ट्रेड

2 साल की अवधि में पूरे होने वाले आईटीआई ट्रेड अनेक है लेकिन इनमें से भी कुछ ऐसे ट्रेड हैं जिनकी आवश्यकता औद्योगिक संस्थानों में बड़े पैमाने पर होती है तथा इनका कार्य क्षेत्र बाहर भी अधिक होता है इसलिए इन ट्रेड से आईटीआई करनी पर जल्दी और आसानी से नौकरी मिलने की संभावना ज्यादा होती है
जैसे - इलेक्ट्रिशियन फिटर टर्नर मशीनिस्ट आदि

ITI FITTER KA KYA KAM HOTA H | आईटीआई फिटर का क्या कार्य है

 ITI फिटर क्या है? 

क्या आप ITI फिटर ट्रेड में एडमिशन लेना चाहते हैं? क्या आप आईटीआई फिटर कोर्स के बारे में जानना चाहते हैं? तो आप सही जगह पर आए है। इस लेख में, iti fitter course से संबंधित सभी जानकारी दी जाएगी, जैसे कि Iti Fitter, iti fitter course details, iti fitter course फीस, iti fitter jobs, iti fitter course syllabus इत्यादि के बारे में पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।

FITTER



ITI फिटर क्या है?

ITI फिटर या ITI फिटर का मतलब क्या है आम तौर पर आपको इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक्स और वेल्डर जैसे शब्दों को जानना होता है, उसी तरह फिटर को भी एक व्यक्ति के बारे में कहा जाता है और ITI फिटर कोर्स मैकेनिकल से संबंधित शाखा है।



 

फिटर से एक व्यक्ति का अर्थ है जो मशीन, संरचना फिटिंग, पाइप फिटिंग को तैयार करता है, तैयार करता है या किसी भी प्रकार के इंजन को इकट्ठा करता है या उनमें से अधिष्ठापन को फिटर या फिटर मैन कहा जाता है। फिटर मैन को धातु पर काम करना पड़ता है और फिटर मैन आमतौर पर विनिर्माण, मूल्यांकन या कार्यशाला आदि के क्षेत्र में काम करता है।

आइये जानते हैं इति फिटर कोर्स का विवरण



आपको पता है कि इत्ती फिटर क्या है। अब मुख्य उद्देश्य ITIफिटर कोर्स के विवरणों के बारे में बात करना है, दोस्तों आईटीआई { औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान } एक सरकारी संस्थान है जो औद्योगिक काम करने के कौशल के विकास के लिए भारतीय छात्रों को कई प्रकार के पाठ्यक्रम प्रदान करता है। जिसमें इलेक्ट्रीशियन, टर्नर, मैकेनिक्स, वेल्डर जैसे कोर्स शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में से एक iti फिटर है।


ITI फिटर पाठ्यक्रम के प्रकार

फिटर पाठ्यक्रमों में कई पाठ्यक्रम हैं जिनका उल्लेख नीचे किया गया है। अधिकांश कॉलेजों में सामान्य आईटीआई फिटर पाठ्यक्रम है। क्योंकि सामान्य आईटीआई फिटर पाठ्यक्रम में सभी प्रकार के फिटर पाठ्यक्रम के पाठ्यक्रम शामिल हैं।


ITI फिटर कोर्स सूची:

1 सामान्य फिटर।

2 विद्युत फिटर।

3 बॉयलर फिटर।

4 समुद्री फिटर।

5 मरीन इंजीनियरिंग फिटर।

6 स्वच्छता हार्डवेयर फिटर।

7  वेल्डर-फिटर।

8  पाइप फैब्रिकेटर फिटर।

9 यांत्रिक फिटर।

10 तकनीकी सहायक या तकनीशियन।

11 संयंत्र रखरखाव फिटर।

12 खराद मशीन ऑपरेटर।

ITI फिटर कोर्स सिलेबस में क्या अध्ययन करें

भारत सरकार द्वारा संचालित डीजीटी (प्रशिक्षण महानिदेशालय) संस्थान द्वारा आईटीआई फिटर पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम तय किया जाता है। आईटीआई फिटर कोर्स सिलेबस को दो क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है जैसे, डोमेन क्षेत्र और कोर क्षेत्र।

 सेक्टर्स (ट्रेड थ्योरी और प्रैक्टिकल) ट्रेडों के बारे में व्यावहारिक कौशल और ज्ञान प्रदान करते हैं, जबकि मुख्य क्षेत्र (कार्यशाला विज्ञान, गणना, इंजीनियरिंग ड्राइंग और रोजगार कौशल) कोर कौशल, ज्ञान और जीवन कौशल प्रदान करते हैं।


निम्नानुसार ITI फिटर कोर्स सिलेबस में विषय

आईटीआई फिटर कोर्स 2 साल का है। जिसमें 6 महीने के 4 सेमेस्टर शामिल हैं। थ्योरी के साथ-साथ फिटर में प्रैक्टिकल भी पढ़ाया जाता है, जिसमें ज्यादातर प्रैक्टिकल पर जोर दिया जाता है। ITI फिटर कोर्स में आपको प्रत्येक सेमेस्टर में 5 विषयों का अध्ययन करना होता है-


ITI फिटर पाठ्यक्रम विषयों की सूची:

1। ट्रेड प्रैक्टिकल

2। व्यापार सिद्धांत

3। कार्यशाला विज्ञान और गणना

4। इंजीनियरिंग ड्राइंग

5। रोज़गार कौशल

कौन ITI फिटर कोर्स के लिए योग्य है

आईटीआई फिटर कोर्स में प्रवेश पाने के लिए आपको 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यदि आपकी 10 वीं प्रतिशतता 40% से ऊपर है, तो कोई समस्या नहीं होगी, और यदि आप 12 वीं के बाद प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपके पास 12 वीं में विज्ञान और गणित विषय होना चाहिए, वास्तव में 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण करना बोर्ड का मापदंड है।


ITI फिटर कोर्स के लिए शारीरिक क्षमता क्या है

यह एक यांत्रिक से संबंधित शाखाएं हैं और छात्र को विभिन्न उपकरणों की मदद से फिटर के कामों को शारीरिक रूप से करना होगा। उम्मीदवारों को तकनीकी कार्यों के बारे में भावुक होना चाहिए। इसलिए, इस कोर्स को करने वाले छात्र को शारीरिक रूप से फिट होने के लिए यह आवश्यक है ताकि वे फिटिंग कार्य को सही और सुरक्षित रूप से कर सकें।



 

उन्हें काम के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों को पहनने, सहकर्मियों की सुरक्षा का ख्याल रखने जैसे औद्योगिक सुरक्षा नियम का ज्ञान प्राप्त करना होता है। उनके पास शारीरिक शक्ति और सहनशक्ति होनी चाहिए और असुविधाजनक स्थिति में काम करने में सक्षम होना चाहिए।


आईटीआई फिटर कोर्स फीस के लिए कितना भुगतान करना है

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित एक सरकारी कॉलेज में आईटीआई फिटर कोर्स की फीस प्रति वर्ष 1500 से 6000 है। यह हर साल सरकार के बजट के दौरान तय किया जाता है।

लेकिन निजी कॉलेजों की इटि कोर्स फीस 15000 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक हो सकती है। भारत के विभिन्न राज्यों में निजी कॉलेज अलग-अलग शुल्क लेते हैं। निजी कॉलेजों के लिए फीस कई बातों पर निर्भर करती है जैसे कॉलेज कहां है और कॉलेज की स्थिति क्या है।


आईटीआई फिटर कोर्स के दौरान आप क्या सीखेंगे

आप निम्नलिखित बातों के बारे में जान सकते हैं।


फिटर कोर्स विभिन्न प्रकार की फिटिंग्स का ज्ञान प्रदान करता है।


पाठ्यक्रम बुनियादी सुरक्षा उपायों के साथ शुरू होता है और आगे विषय ज्ञान प्रदान करता है। इंजीनियरिंग ड्राइंग को देखकर, आप विभिन्न भागों, फिटिंग या असेंबलिंग और उनके कार्यों के विनिर्देश को समझने में सक्षम होंगे।


सरल अंकन, भरने, गर्मी तड़के, खराद का काम, ड्रिलिंग, पीस, वेल्डिंग, विभिन्न प्रकार के बोल्ट फिटिंग और अन्य।

पाइप फिटिंग, लैट्स, ड्रिलिंग, वेल्डिंग, निरीक्षण और मोल्डिंग के क्षेत्र में व्यावहारिकता प्रदान करता है।


आप विभिन्न प्रकार के वाल्वों का रखरखाव कर सकते हैं और विभिन्न प्रकार के मशीनों टूल्स की सटीकता का परीक्षण करने में सक्षम हो सकते हैं।


आप विभिन्न प्रकार के गेज तैयार करके सटीकता की जांच करने में सक्षम होंगे।


आप विभिन्न उद्योग में एक अर्ध कुशल फिटर आदमी के रूप में काम करने के लिए ज्ञान और कौशल हासिल करने में सक्षम होंगे।


ITI फिटर के बाद क्या

ITI फिटर कोर्स पूरा करने के बाद, आपको अप्रेंटिसशिप करना होगा, जो 1 साल के लिए किया जा सकता है। अप्रेंटिस किसी भी औद्योगिक और निर्माण कंपनी में हो सकता है। अप्रेंटिसशिप के दौरान आपको कुछ वेतन भी मिलता है।


आईटीआई कोर्स करने के बाद अप्रेंटिस बहुत जरूरी हैं। शिक्षुता आपको एक कार्य अनुभव देती है, अपने कौशल का विकास करती है, फिर आपको आसानी से आईटीआई फिटर की नौकरी मिल जाएगी। इसलिए किसी भी ट्रेड में इति कोर्स पूरा करने के बाद अपरेंटिस के लिए जाएं।



 

यद्यपि शिक्षुता करना अनिवार्य नहीं है, आप नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के माध्यम से अपना 12 वीं इंटरमीडिएट पूरा कर सकते हैं और तकनीकी शिक्षा के लिए आगे बढ़ सकते हैं।


आप लेटरल एंट्री द्वारा इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। पार्श्व प्रविष्टि में, आपको एक वर्ष की छूट (दो वर्ष में 3 वर्ष का डिप्लोमा पाठ्यक्रम) मिलेगी।


Iti Fitter कोर्स के सफल समापन के बाद आप शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना (CITS) से जुड़कर Iti में प्रशिक्षक बन सकते हैं।


ITI FITTER कोर्स में एडमिशन प्रक्रिया क्या है

फिटर पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए, आपको अपने 10 वीं, 12 वीं या उच्चतर डिग्री के आधार पर अधिकांश निजी कॉलेजों में सीधे प्रवेश मिलेगा, मार्क परसेंटेज उतना महत्वपूर्ण नहीं है।


लेकिन सरकारी संस्थान में आईटीआई फिटर पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए, प्रवेश आपके 10 वीं के आधार पर किया जाएगा या प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। प्रवेश परीक्षा इतनी कठिन नहीं है। यदि आपके गणित और 10 वीं कक्षा के विज्ञान स्पष्ट हैं, तो आप इन प्रवेश परीक्षाओं को आसानी से पूरा कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर राज्यों में, प्रवेश केवल मेरिट सूची के आधार पर उपलब्ध हैं।

पास आउट के बाद ITI फिटर जॉब्स के अवसर

ITI फिटर जॉब्स - 

फिटर का काम धातु के पुर्जों को आकार देना और उन्हें इकट्ठा करना और उन्हें मशीनों में फिट करने के लिए हाथ के औजारों का उपयोग करना है। मशीनों और उपकरणों को स्थापित करने और फिटिंग करने के लिए। हर कंपनी में फिटर वर्कर की बहुत सी वैकेंसी है, ऐसी कोई कंपनी नहीं होगी जिसे फिटर की जरूरत न हो। तो अब आप समझ गए होंगे कि इस कोर्स का इतना मूल्य क्यों है। और ITI फिटर कोर्स इतना लोकप्रिय क्यों है।


सरकारी नौकरी के अवसर ITI फिटर कोर्स से

इति फिटर कोर्स के बाद, आपको सरकारी क्षेत्र में भी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा, सरकारी क्षेत्र में भारी मात्रा में पद रिक्त है। जिसमें भारतीय रेलवे और विभिन्न खनिज खनन कंपनियों के साथ कई बिजली संयंत्र में अधिक रिक्ति है। हालाँकि, सरकारी क्षेत्रों में आईटीआई फिटर जॉब्स प्राप्त करने के लिए, आपको अखिल भारतीय बुद्धिमान प्रतियोगी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।

इसके अलावा, दुबई, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका जैसे विदेशी देशों में फिटर की भारी मांग है।

अगर आप ITI फिटर का कोर्स करते हैं और आपके पास अच्छी स्किल्स हैं, तो निश्चित रूप से आपको बहुत अच्छी जॉब आसानी से मिल जाएगी। आपको iti fitter की नौकरियों में भी अच्छा वेतन मिलेगा।

ITI फिटर की सैलरी क्या है

यदि आप ITI फिटर कोर्स करने के बाद किसी निजी कंपनी में नौकरी पर हैं, तो आपकी औसत सैलरी 10000 रुपये से 18000 रुपये तक होती है। यदि आप 3 से 4 साल का अनुभव लेते हैं, तो आपको रु। का वेतन मिलेगा। २५००० से ३५०००. और सरकारी क्षेत्र में, प्रशिक्षण के दौरान, आपको २०००० से ३०००० तक मिलेंगे और फिर प्रशिक्षण के बाद, आपको ५०००० से एक लाख से अधिक वेतन के साथ-साथ बहुत सारी सुविधा मिलेगी।


 आपको हमारा आज का ब्लॉक कैसा लगा कृपया हमें सुझाव दें ताकि हम और बेहतर तरीके से अच्छी और ज्यादा लाभकारी जानकारी के साथ साझा कर सकें

अगर आपका किसी भी प्रकार का सवाल है तो कृपया हमें कमेंट करें 

धन्यवाद

ITI करने के फायदे|ITI krne ke fayde

हेलो दोस्तों

जैसा कि हम सब जानते हैं की वर्तमान युग टेक्निकल युग के नाम से जाना जाता है या यूं कहें कि वर्तमान समय में और आने वाले समय में हमारे देश में इंडस्ट्रियल संसाधनों में काफी वृद्धि हुई है और भविष्य में उद्योग धंधों की संख्या और अधिक होने की संभावना है क्योंकि भारत एक ऐसा देश है जिसे हम युवाओं का देश कह सकते हैं यहां पर सभी प्रकार के उद्योग विकसित होने की अपार संभावनाएं है इसलिए उद्योगों में काम करने के लिए कामगार क्या वर्कर की आवश्यकता होती है जो सभी मशीनों पर सुरक्षित रूप से काम कर सके और उसे मशीनों का ज्ञान हो वह सभी  औजारों से परिचित हो
ताकि वह उस उद्योग में सुरक्षित ढंग से कार्य कर सकें इसलिए जरूरत पड़ी तकनीकी रूप से तैयार वर्कर्स की
इसलिए भारत सरकार ने आईटीआई कोर्स लागू किया

ITI KYO KRE, ITI KARNE SE KYA HOTA H

आईटीआई का पूरा नाम



आइए अब जानते हैं 

आईटीआई करने के फायदे| ITI Karne ke fayde

आईटीआई करने के बाद किसी भी व्यक्ति को इंडस्ट्री में काम करना आसान हो जाता है और उसे अच्छे कामगार की रूप में अच्छी तनख्वाह प्राप्त होती है उसी सभी प्रकार के भत्ते दिए जाते हैं
आईटीआई करने के पश्चात विभिन्न प्रकार की प्राइवेट उद्योगों एवं सरकारी उद्योगों में रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं
आइए जानते हैं

आईटीआई पास होने के बाद व्यवसाय के अवसर|job after ITI


केंद्र सरकार के सभी प्रतिष्ठानों, उपक्रमों एवं उद्योगों में जैसे
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, गेल अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन, आदि में रोजगार प्राप्त करना
राज्य सरकार के सभी प्रतिष्ठान में रोजगार प्राप्त करना

थल सेना, जल सेना, वायु सेना, एम एम एस, बी एस एफ, की तकनीकी पदों पर रोजगार प्राप्त करना

रेलवे में सहायक लोको पायलट, टेक्नीशियन, हेल्पर, आदि के पदों पर रोजगार प्राप्त करना
बड़े-बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों जैसे- मारुति, होंडा, हीरो ,टीवीएस, बजाज, अशोक लीलैंड, टाटा,  आदि में रोजगार प्राप्त करना

  1. अगर आपको हमारा ब्लॉक अच्छा लगा तो हमें फॉलो करें और अपनी राय अवश्य दें हमें कमेंट करके

  • धन्यवाद

आधार कार्ड में दस्तावेज़ अपलोड Document upload in Aadhar Card

 इस पोस्ट में हम जानेगे आधार कार्ड में दस्तावेज़ अपलोड करना क्यों जरुरी है और आधार कार्ड में दस्तावेज़ अपलोड करने की प्रक्रिया क्या है | आधा...