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What is salary after ITI | आईटीआई के बाद कितनी सैलरी मिलती है

 आईटीआई के बाद कितनी सैलरी मिलती है

आईटीआई करने वाले सभी स्टूडेंट तथा आईटीआई कर रही सभी विद्यार्थियों के मन में बार-बार एक ही सवाल उत्पन्न होता है कि अगर आईटीआई पास करने के बाद हमें कोई औद्योगिक संस्थान कितना वेतन प्रदान करेगा आज हम इस बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे जानेंगे आईटीआई के महत्व के बारे में तथा आईटीआई पास करने के बाद मिनिमम और मैक्सिमम कितनी सैलरी एक आईटीआई होल्डर खुद ही जाती है इंडिया में वैसे तो सभी औद्योगिक इकाइयो में आईटीआई की महत्वता तथा उसके उज्जवल भविष्य की कामना हर विद्यार्थी करता है लेकिन क्या सभी विद्यार्थियों को यह सभी आईटीआई पास विद्यार्थियों को एक अच्छी सैलरी का पैकेज औद्योगिक संस्थानों से प्राप्त होता है साथी हम यह भी चर्चा करेंगे कि आईटीआई पास करने के बाद किन किन संस्थानों में अच्छी सैलरी में नौकरी पा सकते हैं

आईटीआई के बाद सैलरी

माना जाता है कि आईटीआई करने के बाद सभी औद्योगिक संस्थानों में आईटीआई होल्डर व्यक्ति की आवश्यकता होती है तथा एक कुशल कारीगर के रूप में वह अच्छी खासी कमाई भी करता है साथ ही साथ में एक उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाता है लेकिन जैसा कि हमने बताया हम सभी विद्यार्थियों का भविष्य आईटीआई करने के बाद उज्जवल नहीं हो पाता है वहीं कुछ विद्यार्थी आईटीआई पास करने के बाद एक अच्छे पैकेज पाने में कामयाब होते हैं

आईटीआई करने के उपरांत औसत वेतन

अगर भारत की बात करें तो आईटीआई करने के उपरांत आईटीआई स्टूडेंट्स को औसत वेतन लगभग 10 से 15000 प्रतिमा प्राप्त होता है लेकिन कुछ कारणवश या औद्योगिक संस्थानों में हो रहे ठेकेदारी प्रथा के चलन के तहत शुरुआती दिनों में एक आईटीआई पास विद्यार्थियों को 7 से ₹10000 प्रति माह प्राप्त होते हैं

अप्रेंटिस करने के बाद वेतन

जहां तक बात करें आईटीआई पास करने की तो ज्यादातर स्टूडेंट आईटीआई पास करके औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों या अन्य औद्योगिक इकाइयों में जॉब के लिए अप्लाई करते हैं तथा जॉब करने लगती है शुरुआती दिनों में उनको कम वेतन प्राप्त होता है तथा कुछ विद्यार्थी जो 3 से 4 वर्ष का अनुभव प्राप्त कर लेते हैं तथा अपने जॉब के प्रति सजग और जागरूक रहते हैं उन्हें बाद में धीरे-धीरे अच्छे पैकेज मिलने शुरू हो जाते हैं लेकिन अप्रेंटिस करने वाले विद्यार्थियों को उससे भी अच्छा वेतन प्राप्त होता है क्योंकि अप्रेंटिस करने के बाद वह व्यक्ति जो आईटीआई पास है एक अकुशल कारीगर होता है जबकि अप्रेंटिस करने के उपरांत में एक कुशल कारीगर बन जाता है इसी के साथ उसे अच्छे वेतन में जॉब मिलने की संभावना ज्यादा रहती हैं भारतीय वेज के अनुसार कुशल कारीगर का वेतन एक कुशल कारीगर के वेतन से अधिक होता है तथा कुशल कारीगर का वेतन सर्वोपरि वेतन माना जाता है इसलिए अप्रेंटिस पास विद्यार्थी को अधिक वेतन पर जो पाना आसान होता है तथा वह अपनी कुशलता के फल स्वरूप अपनी तरक्की के रास्ते भी खोज लेता है

अप्रेंटिस पास विद्यार्थी का औसत वेतन

जैसा कि हम सब जानते हैं अप्रेंटिस हमने जिस कंपनी के जिस संस्थान से की है यह अप्रेंटिस  करते वक्त हमने जो काम सीखा है उसी से संबंधित औद्योगिक इकाई में अगर काम किया जाए तो वहां पर हमें अप्रेंटिस के पेज पर एक कुशल कारीगर की तौर पर रखा जाता है तथा हमें अधिक वेतन दिया जाता है
भारत में अप्रेंटिस  विद्यार्थियों का औसत वेतन लगभग 13000 से 18000 माना जाता है
लेकिन मेरे श्याम की की गई अनुभव के आधार पर अगर देखा जाए तो बढ़ती बेरोजगारी के चलते यह वेतन लगभग 12 से 15000 तक ही सिमट कर रह गया है
फिर भी एक अप्रेंटिस पास व्यक्ति को एक कुशल कारीगर के तौर पर रखा जाता है तथा उसके तरक्की की राह आसान होती है अगर अप्रेंटिस पास व्यक्ति को अप्रेंटिस के बलबूते जॉब पाने में कामयाबी मिलती है तो वह एक अच्छी इनकम पा सकता है तथा भविष्य मैं उज्जवल भविष्य की ओर कदम रखते हुए एक अच्छी पोस्ट भी पा लेता है

उच्च वेतन के लिए कौन सा आईटीआई कोर्स सबसे अच्छा है?(Which ITI course is best for high salary?)

वैसे तो सभी आईटीआई कोर्स अच्छे ही होते हैं किंतु अधिक वेतन पाने के लिए कुछ अच्छे आईटीआई ट्रेड्स जिन की आवश्यकता प्रत्येक इंडस्ट्री में अधिक पैमाने पर होती है
इसके लिए मैं आपको सलाह दूंगा वह कोर्स जो 2 वर्ष की अवधि का हो उसी ट्रेड से आईटीआई करना अच्छा माना जाता है क्योंकि जब 2 साल तक एक आईटीआई ट्रेड के बारे में जानते है तो हमें उसका अच्छा अनुभव होता है तथा औद्योगिक संस्थानों में उसकी अधिक आवश्यकता भी होती है इसलिए 2 वर्ष की अवधि वाला आईटीआई ट्रेड ही अच्छा माना जाता है जिस ट्रेड की प्रशिक्षण अवधि अधिक होती है उसका कार्य क्षेत्र भी उतना ही अधिक होता है इसलिए हमें ज्यादा अवधि के कोर्स को करना ज्यादा उचित समझा जाता है ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि कम समय अवधि वाली आईटीआई ट्रेड की महत्वता नहीं होती है कुछ ट्रेड हैं चीन की महत्वता बहुत अधिक है तथा आईटीआई ट्रेड को करने की समय अवधि 6 महीने 1 वर्ष है
जैसे डीजल मैकेनिक 
आज का युग ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का युग है जिसमें डीजल मैकेनिक की आवश्यकता बहुत अधिक पैमाने पर होती है एक डीजल मैकेनिक ही इंजन के पार्ट्स और उसकी मरम्मत को अच्छे ढंग से समझ कर कर पाता है इसलिए ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग से संबंधित व्यवसायिक संस्थानों तथा औद्योगिक संस्थानों में एक डीजल मैकेनिक की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है

2 साल की अवधि वाले आईटीआई ट्रेड

2 साल की अवधि में पूरे होने वाले आईटीआई ट्रेड अनेक है लेकिन इनमें से भी कुछ ऐसे ट्रेड हैं जिनकी आवश्यकता औद्योगिक संस्थानों में बड़े पैमाने पर होती है तथा इनका कार्य क्षेत्र बाहर भी अधिक होता है इसलिए इन ट्रेड से आईटीआई करनी पर जल्दी और आसानी से नौकरी मिलने की संभावना ज्यादा होती है
जैसे - इलेक्ट्रिशियन फिटर टर्नर मशीनिस्ट आदि

Fitter se ITI karne ke fayde, फिटर से आईटीआई करने के फायदे

Fitter] se ITI karne ke fayde, फिटर से आईटीआई करने के फायदे

हेलो दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि फिटर से आईटीआई करने के फायदे क्या है अगर देखा जाए तो सभी आईटीआई ट्रेड का अपना एक महत्व होता है परंतु फिटर ट्रेड सभी ट्रेनों से भिन्न क्यों है आज हम जानेंगे तो आइए स्टार्ट करते हैं

औद्योगिक विकास में व्यवसाय की भूमिका


औद्योगिक संस्थानो, प्रतिष्ठानो, उपक्रमो तथा निगमो में व्यवसाय फिटर की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। जिस प्रकार मानव शरीर
में रोड की हड्डी का महत्वपूर्ण स्थान है उसी प्रकार से सभी संस्थानो, प्रतिष्ठानो, उपक्रमो या निगमो में एक टर्नर, वैल्डर, मशिनिष्ट,
इलैक्ट्रिशियन से काम चल सकता है, परन्तु किसी भी संस्थान, प्रतिष्ठान, उपक्रम, निगम एवं उद्योगों में 100 फिटर भी कम होते है। एक
फिटर पूर्णत: तब ही फिटर कहलाता है जब वह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से फिटर व्यवसाय में प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात शिक्षुता
(अप्रेन्टिस) प्रशिक्षण पूर्ण करके दक्षता प्राप्त करता है। अधिकतर कोई भी संस्थान, प्रतिष्ठान, उपक्रम, निगम एवं उद्योग तब ही अधिक
से अधिक फिटरो की भर्ती करता है।
क्योंकि अप्रेंटिस करने के बाद कोई भी फिटर कुशल कारीगर बन जाता है जिसे कार्यशाला में कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त होता है

अगर देखा जाए तो फिटर ट्रेड से आईटीआई स्टूडेंट को लगभग सभी इंडस्ट्रीज मैं नौकरी आसानी से मिल सकती है किंतु अगर कोई स्टूडेंट नौकरी ना करके अपने स्वयं का रोजगार करना चाहे तो भी फिटर ट्रेड की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है आइए जानते हैं इसके बारे में

फिटर व्यवसाय में स्वरोजगार के अवसर

1. फ्रेब्रीकेशन के रूप में स्वंय का कार्य जैसे-ग्रिल, जंगले, जाली, गेट आदि बना2. कृर्षि यंत्र बनाने का स्वंय का वर्कशॉप।3. ट्रक, बस, बॉडी बनाने का कार्य।4. शीट मैटल कार्य- सन्दूक, बाल्टी, ड्रम आदि बनाने का कार्य।5. ब्लैक स्मिथी -  औजार, हुक, परात, फावडे, कढाई, कडे, चैन बनाने का कार्य।6. मेन्टेनैंस फिटर – पाइप फिटर का कार्य करना।

इस प्रकार के कार्य करके 1 फिटर अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकता है
अगर एक फिटर चाहे तो एक कुशल टेक्नीशियन के रूप में किसी भी वर्कशॉप या कंपनी में अपनी इच्छा अनुसार सैलरी भी पा सकता है क्योंकि एक कुशल फिटर ही एक अच्छा टेक्नीशियन और अच्छा मेंटेनेंस कार्य करने में कुशल होता है फिटर की आवश्यकता आज के दौर में सभी वर्कशॉप में होती है इसलिए वह अपनी इच्छा अनुसार जहां चाहे देश और विदेश कहीं भी नौकरी पाने में सफल रहता है और वह अन्य व्यक्ति विशेष की वजह अच्छी तनख्वाह पाने की उम्मीद कर सकता है

आईटीआई फिटर का महत्व

इस व्यवसाय का प्रशिक्षण लगभग सभी संस्थानों में दिया जाता है इसका पुराना नाम जर्नल मैकेनिक तथा मुख्यतः इसका कार्य कल कारखाना में मशीनों की देखभाल तथा मरम्मत करना असेंबली करना आदि होता है

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फिटर की परिभाषा|meaning of fitter

वह कुशल कारीगर जो अपने कार्य का 75% भाग हस्त औजारों तथा 25% भाग मशीनों की सहायता से पुर्जे बनाकर तैयार करता है
फिटर कहलाता है

फिटर के प्रकार (types of fitter)

औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य को पूरा करने के लिए अलग-अलग प्रकार के चित्र होते हैं आइए जानते हैं इनके बारे में

1. बेंच फिटर (bench fitter)

वह कुशल कारीगर अधिकांश अपने कार्य को बेंच पर फिट वॉइस की सहायता से हस्त औजारों के साथ ड्रिलिंग, रीमिंग, थ्रेडिंग आदि के द्वारा पूरा करता है बेंच फिटर कहलाता है
Bench fitter, bench fitter ke karya
Bench fitter



2. मेंटेनेंस फिटर (maintenance fitter)

मेंटेनेंस फिटर का मुख्य कार्य कार्यशाला में चलने वाली मशीनों की देखभाल करना होता है तथा आवश्यकता पड़ने पर इनकी मरम्मत का कार्य भी मेंटेनेंस फिटर के द्वारा ही किया जाता है
Fitter se ITI karne ke fayde, maintenance fitter
Maintenance fitter


3. असेंबली फिटर (assembly fitter)

असेंबली फिटर का मुख्य कार्य मशीनों द्वारा तैयार की गई मशीन पार्ट्स को एकत्रित करते हुए मशीन का रूप देना होता है
Fitter se ITI karne ke fayde, assembly fitter
Assembly fitter

4. फेब्रिकेशन फिटर (fabrication fitter)

फेब्रिकेशन फिटर का मुख्य कार्य धातु चादर, एंगल आईरन, आदि के द्वारा वेल्डिंग, रिवेटिंग, वेंडिंग, आदि संक्रिया करते हुए दरवाजे जंगले गेट आदि तैयार करना होता है

5. डाई फिटर (die fitter)

डाई फिटर का मुख्य कार्य कार्य की माप और साइज के अनुसार शक्ति प्रेस द्वारा बनाए जाने वाले पुर्जे बनाना होता है
डाई के द्वारा कम समय में अधिक उत्पादन तैयार किया जा सकता है

6. पाइप फिटर (pipe fitter)

पाइप फिटर का मुख्य कार्य तेल गैस और तरल पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक बंद अवस्था में ले जाने के लिए पाइप और ट्यूब का प्रयोग करना तथा उन्हें तैयार करना उनकी मरम्मत करना आदि पाइप फिटर के कार्य होते हैं


दोस्तों यह था हमारा आज कब लोग जिसमें हमने बताया है की फिटर से आईटीआई करने के फायदे क्या है तथा फिटर कितने प्रकार के होते हैं आपको हमारा जो पसंद आया तो हमें सब्सक्राइब करें तथा कमेंट करना ना भूलें
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